➤ हिमाचल में अगले छह महीनों में चार हजार नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति
➤ आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए जल्द बनेगी नीति
➤ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रामपुर में कई बड़े विकास कार्यों का किया एलान
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को जिला शिमला के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार काम कर रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है और आने वाले छह महीनों में चार हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जिनमें लगभग दो हजार शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है ताकि ग्रामीण इलाकों के बच्चों को घर-द्वार के पास बेहतरीन शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने पूर्व की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार को 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और कर्मचारियों की करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां विरासत में मिली हैं। इसके बावजूद सरकार जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसी माह अपना परिवार, सुखी परिवार योजना लागू की जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह और पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए जल्द ही एक स्पष्ट नीति तैयार करने जा रही है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों और चमियाना संस्थान को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है, तथा अस्पतालों में 19 वर्ष पुरानी मशीनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। उन्होंने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के खजाने में प्रतिवर्ष लगभग 1,500 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई लाभार्थियों को इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना और सुख आश्रय योजना के तहत आर्थिक सहायता भी वितरित की।



